फुटपाथ में कदम रखो जरा सम्भल-2 के
फुटपाथ में कदम रखो जरा सम्भल-2 के
कोई पैरों तले न आ जाए, चलो सम्भल के।
है ख़्वाबों की नगरी ये भी किसी गरीब की
रोटी कमाते हैं लोग यहां, अपने-२ नसीब की।
कोई पैरों तले न आ जाए, चलो सम्भल के।
है ख़्वाबों की नगरी ये भी किसी गरीब की
रोटी कमाते हैं लोग यहां, अपने-२ नसीब की।

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