सोचता हूं दिल की बात दिल तक कैसे पहुंचाऊं





सोचता हूं दिल की बात दिल तक कैसे पहुंचाऊं
हाल-ए-दिल जो है मेरा, अब उन्हें कैसे समझाऊं।
: संदीप शिवहरे

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