कुछ लफ्जो से नही बयॉ हो सकता






"कुछ लफ्जो से नही बयॉ हो सकता मित्रता नाम का इकलौता शब्द
ये उतना ही सुन्दर, गहरा रिश्ता है, जैसे फूल और सुगन्ध।।"
: संदीप शिवहरे

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