सौन्दर्य की अपनी एक अलग परिभाषा है



" सौन्दर्य की अपनी एक अलग परिभाषा है
जिसे केवल लोगों ने शब्दों में ही आंका है
सौन्दर्य तो निराकार है, गुण और सरस वाणी का प्रकार है
सौन्दर्य बहन का निश्छल प्रेम और मां का दुलार हैं।"
: संदीप शिवहरे

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