"आदिशिव की महिमा न्यारी


"आदिशिव की स्तुति"


"आदिशिव की महिमा न्यारी
उमा संग प्रगटे भोले भंडारी ||

कालकूट पिय, नीलकंठ कहाये
सुर, असुर जपे तब नाम तिहाये ||

मृत्युंजय रूप धरौ जब रण में
त्रिशूलधारी बने काली का खप्पर भरने ||

शशिशेखर; चंद्रशेखर; चंद्रमौलि तुम नाम कहाये
दिया चंद्र को अभयदान, पीछे राहू-केतु दोउ बिलखाये ||

बेलपत्र, धतूरा - आशुतोष तुमको अति प्यारे
हे पंचानन! देऊ आशीष हरो कष्ट हमारे ||"
: संदीप शिवहरे

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