जनाब, शायर की दीवानगी अभी तुमने देखी कहा है

"जनाब, शायर की दीवानगी अभी तुमने देखी कहा है,
इस शायर की शायरी अभी तुमने देखी कहा है।

हम उन पर यूहीं, फिज़ूल वक्त खर्च नही किया करते ,
सच तो ये है कि, अभी तुमने उनकी मुस्कान देखी कहा है।

अनजान हो तुम अभी, इस शायर की मोहब्बत से, ये और बात है
कि इससे पहले तुमने, मेरे मुख मे, ये दमक देखी कहा है।

पाकीज़ा इश्क की कसमे तो आजकल हर शक्श दोहराता है
पर बरख़ुरदार, उन्होने करवटे बदलती राते अभी देखी कहा है।

जनाब, शायर की दीवानगी अभी तुमने देखी कहा है,
इस शायर की शायरी अभी तुमने देखी कहा है।।"

:संदीप शिवहरे

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