गुरुर तुम मेरे जीवन का

गुरुर तुम मेरे जीवन का
अहसास मेरे हृदय का
रंग मेरे उज्जवल सपनो का
तुम सुकून, मेरे चंचल मन का।
: संदीप शिवहरे


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