ज़ुल्फ़े गिरकर मुझ पर

"ज़ुल्फ़े गिरकर मुझ पर दिन को रात कर दो
अपने लबों से चूमकर, आज प्यार का आगाज कर दो।"
: संदीप शिवहरे

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