गमों को साईड में रखिए

गमों को साईड में रखिए
मुस्कुराहट बेहिसाब रखिए।

रुप-रंग में कुछ नहीं रखा
जनाब, रूह से प्यार कीजिए।

दिन जो बीत गए, मत सोचिए
नये जीवन का दिल से इस्तकबाल कीजिए।
: संदीप शिवहरे

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