माँ, है तेरा क़र्ज़ मुझ पर इतना,







"माँ, है तेरा क़र्ज़ मुझ पर इतना, उसे मैं कैसे चुकाऊ
जो निवाले तुमने मुझे खिलाये, उनका हिसाब मैं कैसे लगाऊ ।"
: संदीप शिवहरे

Comments

Popular posts from this blog

भींगी आंखों से भारत मां पूंछ रही

लक्ष्मीबाई, एक वीरांगना और उनकी अविस्मरणीय जीवनगाथा।