बहुत कम मिलते हैं इंसान

बहुत कम मिलते हैं इंसान इस जहां मे जो दूसरों को बस खुश देखना चाहते हैं
वरना शहर का हाल तो कुछ यूं है कि अपनो के खुशी के पीछे अपने ही पड़े है।
: संदीप शिवहरे

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