रौंदने लगे हैं लोग अहंकार में, मां के प्यार-दुलार को



“रौंदने लगे हैं लोग अहंकार में, मां के प्यार-दुलार को
गुस्सा कर रहे हैं; फरिस्ते पर, सिर्फ रौब जताने को।“
: संदीप शिवहरे

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